प्रदेश में भारी बारिश का रेड अलर्ट, एक से 12वीं तक के सभी स्कूल बंद, जिलों को भेजी गई एडवाइजरी।

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उत्तराखंड राज्य में मानसून के दस्तक के बाद से ही प्रदेश की स्थितियां गंभीर होती जा रही है। पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के चलते प्रदेश के तमाम क्षेत्रों में बाढ़ और आपदा जैसे हालात बन गए हैं। लगातार हो रही भारी बारिश की वजह से अब लोगों का जीना मुहाल होने लगा है। आलम या है कि भारी-बारिश इसके चलते 29 जून को चार धाम यात्रा को स्थगित करना पड़ा। तो वही, 30 जून को भी प्रदेश से तमाम हिस्सों में भारी बारिश का रेड अलर्ट है। जिसके चलते प्रदेश के सभी एक से 12वीं तक के स्कूलों को में छुट्टी घोषित की गई है। इसके अलावा प्रदेश भर में जारी रेड अलर्ट के बीच आपदा विभाग ने जिलों को दिशा निर्देश भी जारी किए हैं।

उत्तराखंड राज्य की विषम भौगोलिक परिस्थितियों के चलते आपका जैसे हालात बनते रहे हैं। और खासकर मानसून सीजन के दौरान स्थितियां और अधिक गंभीर हो जाती है। जिसका असर वर्तमान समय में प्रदेश के तमाम हिस्सों में देखने को मिल रहा है। फिलहाल मौसम विज्ञान केंद्र ने 3 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। तो वहीं, 30 जून को प्रदेश के देहरादून, उत्तरकाशी, रूद्रप्रयाग, टिहरी, पौड़ी, हरिद्वार, नैनीताल, चम्पावत और ऊधमसिंह नगर जिले में भारी से बहुत भारी बारिश को लेकर रेड अलर्ट जारी किया गया है।

जिसको देखते हुए सचिव आपदा प्रबंधन विनोद कुमार सुमन ने कहा कि भारतीय मौसम विज्ञान विभाग, देहरादून की ओर से 30 जून, 2025 को प्रदेश के तमाम क्षेत्रों में बारिश का रेड अर्लट जारी किया गया है। जिसके चलते आपदा न्यूनीकरण के दृष्टिगत प्रदेश के कक्षा 01 से 12 तक संचालित समस्त शैक्षणिक संस्थाओं और आंगनबाडी केन्द्रों में 30 जून, 2025 को एक दिन का अवकाश घोषित किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रदेश के  शासकीय / गैर शासकीय और निजि स्कूलों के साथ सभी आंगनबाडी केन्द्र 30 जून, 2025 को बन्द रहेंगे।

आपदा प्रबंधन ने जिलों को जारी किए दिशा निर्देश…….

– हर स्तर पर तत्परता और सुरक्षा बनाये रखते हुए आवागमन में नियंत्रण बरता जाये।

– किसी भी आपदा/दुर्घटना की स्थिति में तत्काल स्थलीय कार्यवाही करते हुए सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान किया जायें।

– आपदा प्रबन्धन, IRS प्रणाली के नामित सभी अधिकारी और विभागीय नोडल अधिकारी हाई अलर्ट में रहेंगे।

– NH. PWD, PMGSY, ADB, BRO, WB, CPWD के किसी भी मोटर मार्ग के बाधित होने की स्थिति में उसे तत्काल खुलवाना सुनिश्चित करेंगे।

– सभी राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी, ग्राम पंचायत अधिकारी अपने तैनाती क्षेत्रों में बने रहेंगे।

– सभी चौकी/थाने भी आपदा सम्बन्धी उपकरणों और वायरलैस सैट के साथ हाई अलर्ट में रहेंगे।

– इस दौरान किसी भी अधिकारी/कर्मचारी के मोबाईल / फोन स्विच ऑफ नहीं रहेंगे।

– अधिकारी बरसाती, छाता, टार्च, हैलमेट और कुछ आवश्यक उपकरण एवं सामग्री अपने वाहनों में अपने स्तर से रखने के लिए उचित कार्यवाही करेंगे।

– इस अवधि में लोगों के फंसे होने की स्थिति पर खाद्य सामग्री व मेडिकल की व्यवस्था की जायें।

– विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिगत विद्यालयों में सावधानी बरती जायें।

– असामान्य मौसम, भारी वर्षा की चेतावनियों के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों के आवागमन को अनुमति न दी जाये।

– सम्बन्धित जिलों के जिला सूचना अधिकारी उस चेतावनी / सूचना को आम जनमानस तक पहुंचाए ताकि इस दौरान लोग अनावश्यक घर से बाहर न निकले।

– भू-स्खलन के लिए संवेदनशील मार्गों पर पहले से ही उपकरणों की उचित व्यवस्था करना सुनिश्चित करें।

– सभी सम्बन्धित अधिकारी किसी भी प्रकार की आपदा की सूचना SEOC/ राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष के फोन नम्बरों 0135-2710335, 0135-2710334, टोल फ्री नं० 1070, 9058441404 एवं 8218867005 पर तत्काल उपलब्ध कराया जाना सुनिश्चित करेंगे।

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