उत्तराखंड में वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर-घर जाकर वोटिंग का दूसरा चरण 10 अप्रैल से शुरू होगा। वहीं, प्रदेश की सभी 70 विधानसभाओं में आदर्श दिव्यांग पोलिंग बूथ बनाए जाएंगे। राज्य में कुल 65,160 वृद्ध मतदाता हैं, जिनकी आयु 85 साल से अधिक है। राज्य में अभी तक 9,993 वृद्ध मतदाताओं के आवेदन प्राप्त हुए हैं। राज्य में 80,335 दिव्यांग मतदाता चिह्नितकिए गए हैं। जिन पर घर में जाकर मतदान की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं के लिए घर पर जाकर मतदान की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए आठ से 10 अप्रैल तक प्रथम चरण का मतदान करने का निर्णय लिया गया था। कुछ जिलों ने वृद्ध और दिव्यांग मतदाताओं को पांच व छह अप्रैल से घर पर जाकर मतदान करवाने का निर्णय लिया है। इसकी सूचना अखबार और टेलीविजन के माध्यम से दी जाएगी। अपर मुख्य निर्वाचन अधिकारी जोगदंडे ने बताया, 2022 में विधानसभा चुनाव में राज्य में 13,732 वृद्ध मतदाताओं और 2162 दिव्यांग मतदाताओं ने घर पर मतदान की सुविधा का प्रयोग किया था। राज्य में 33,111 दिव्यांग मतदाताओं ने सक्षम एप को डाउनलोड किया है। सक्षम एप के माध्यम से अभी तक 1537 मतदाताओं ने व्हील चेयर, 2221 मतदाताओं ने डोली और 10,839 मतदाताओं ने स्वयंसेवकों की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए अनुरोध किया है। ये पोलिंग बूथ ऐसी जगह स्थापित किए जाएंगे, जहां एश्योर्ड मिनिमम फैसिलिटी उपलब्ध हो। उनकी सहायता के लिए वाहन व्यवस्था और रहने के लिए उचित व्यवस्था के निर्देश दिए गए हैं। इसमें आधार कार्ड, बैंकों, डाकघरों से जारी फोटोयुक्त पासबुक, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, एनपीआर कार्ड, फोटोयुक्त पेंशन दस्तावेज, कर्मचारियों को जारी किए गए फोटोयुक्त सेवा पहचानपत्र, मनरेगा जॉब कार्ड, स्वास्थ्य बीमा स्मार्ट कार्ड, सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों को जारी किए गए सरकारी पहचानपत्र और भारत सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय दिव्यांगजनों को जारी यूनिक डिसएबिलिटी आईडी (यूडीआईडी) कार्ड शामिल हैं।
