लोकसभा चुनाव में उत्तराखंड के हरिद्वार की सीट पर चुनाव दिलचस्प होता नजर आ रहा है। सियासी गलियारों में चर्चा है कि कांग्रेस पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत या उनके बेटे को टिकट दे सकती है। इस दौरान बड़ी संख्या में उनके समर्थक जुटे। पहले प्रयास लगाए जा रहे थे कि वह भाजपा से टिकट पाने की फिराक में हैं, लेकिन जैसे ही इन कयासों पर विराम लगा, कांग्रेस प्रभारी शैलजा से उनकी मुलाकात की चर्चाएं शुरू हो गई और फिर उनको कांग्रेस से चुनाव लड़ाए जाने की चर्चाएं तेज हो गई। आलीशान गाड़ियों की काफिले के साथ ट्रैक्टर चला कर जाने की बात हो अथवा अपने हम शकल मुखोटे वाले कार्यकर्ताओं के साथ सड़कों पर निकलता सैलाब, उमेश कुमार ने चुनाव प्रचार में समा बांध रखा है। नामांकन के बाद उमेश कुमार ने कहा कि यह हरिद्वार के मान सम्मान की लड़ाई है। हरिद्वार के हर ब्लॉक और मुख्यालयों में भ्रष्टाचार चरम पर है। बीजेपी को अपना 10 साल का सांसद जीता हुआ क्यों बदलना पड़ा ? क्या कारण रहे कुछ तो कारण रहे होंगे बदलने के। अगर कांग्रेस भी हरिद्वार सीट पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को टिकट देती है तब उत्तराखंड के दो पूर्व मुख्यमंत्री और एक वर्तमान विधायक में चुनावी भिड़ंत देखना दिलचस्प होगा।
