नैनीताल हाईकोर्ट का मानना है की उनके आदेश का पालन नहीं किए जाने के कारण उत्तराखंड में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हुई। न्यायमूर्ति हाईकोर्ट ने कहा कि उत्तराखंड सरकार ने उनके 14 फरवरी 2023 के आदेश का पालन नहीं किया। रिपोर्ट्स के मुताबिक राज्य सरकार ने अब तक कोर्ट के आदेशों का पालन नहीं किया है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ में हुई। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित ने हरिद्वार व नैनीताल जनपदों के जिलाधिकारियों को आदेश का पालन नहीं करने पर, जवाब पेश करने के लिए चार हफ्ते का समय दिया है। हल्द्वानी निवासी भुवन चंद्र पोखरिया, जिन्होंने सरकार को कटघरे में खड़ा किया है, ने अवमानना याचिका दायर की है। पहाड़ी नदियों का उफान रोकने के लिए अगर नदी को सही तरीके से चेनलाईज नहीं किया गया तो इसके कारण नदी अपना रुख आबादी वाले क्षेत्र की ओर कर देती हैं। नदियों का ये पानी बाड़ और भू-धसाव की समस्या उत्पन्न कर देता है। ये स्थिति ज्यादातर राज्य के हरिद्वार, ऊधम सिंह नगर, रामनगर, रुड़की और देहरादून जैसे मैदानी जिलों में होती हैं। जिससे सरकार को करोड़ों का नुकसान भी हुआ। भुवन चंद्र पोखरिया ने सीधे शब्दों में सरकार को पिछले साल में आई बाढ़ का कारण बताया है।
