टिहरी गढ़वाल में दो पूर्व विधायकों के भाजपा में शामिल होने के झटके के बाद बदरीनाथ सीट के विधायक राजेंद्र भंडारी ने भी कांग्रेस का साथ छोड़ दिया। गढ़वाल सीट में 14 विधानसभा सीटों में बदरीनाथ ही अकेली कांग्रेस के पास थी। तीन बार के विधायक भंडारी चमोली जिले की राजनीति में प्रभाव रखते हैं। हालांकि टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी को लेकर भंडारी और सत्तारूढ़ भाजपा में काफी कड़वाहट रही है। भंडारी ने तब भी कांग्रेस नहीं छोड़ी थी, जब सतपाल महाराज भाजपा में गए थे और उनका बेहद करीबी होने के नाते सियासी हलकों में भंडारी के भी कांग्रेस को अलविदा कहने की चर्चाएं गर्म थीं। बदरीनाथ सीट पर भंडारी ही पार्टी के अगले उम्मीदवार होंगे। प्रदेश अध्यक्ष ने मुताबिक जो भी विधायक अपनी पार्टी छोड़ कर भाजपा में आएगा उसे पार्टी उपचुनाव में उम्मीदवार बनाएगी। गढ़वाल के साथ-साथ भाजपा ने टिहरी लोस सीट पर भी ऐसा अभियान छेड़ दिया है। टिहरी जिले के एक और कांग्रेस विधायक को पार्टी में शामिल कराने की चर्चाएं काफी समय से गर्म है।
