कांवड़ के दौरान जल भरने आए दो परिवारों ने अपने बच्चों को धर्मनगरी में ही छोड़ दिया। पत्नी के दूसरे व्यक्ति के साथ चले जाने के कारण अपने तीन बच्चों को धर्मशाला में छोड़ दिया। भारी भीड़ के बीच कई अपनों से बिछड़े तो उन्होंने खोया पाया केंद्र से अपनों की तलाश कर ली। इनमें एक बेटी दस वर्ष, बेटा नौ वर्ष और दूसरी बेटी 8 वर्ष की थी। तीनों बच्चे पिता का इंतजार करने के बाद रोते बिलखते फिर से धर्मशाला पहुंचे। दो दिन इंतजार के बाद धर्मशाला प्रबंधक कमेटी के साथ रामकुमार कोतवाली पहुंचे और बच्चों को पुलिस के सुपुर्द किया। श्रमिक परिवार बच्चे के लापता होने के बाद चुपचाप रेलवे स्टेशन चला गया। यहां से दंपती बच्चे को अपने साथ ले गए। वह सिकंदराबाद निवासी एक युवक के साथ हरिद्वार चली आई। इस पर उसके पिता ने उन्हें लावारिस हाल में छोड़ दिया। वहीं, कोतवाली पुलिस का कहना है कि बच्चों की मां को बुलाया गया है।
