कांग्रेस की प्रदेश महासचिव व रुद्रप्रयाग की पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लक्ष्मी राणा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। लक्ष्मी पूर्व कैबिनेट मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की करीबी मानी जाती हैं। 1998 में उत्तर प्रदेश युवा कांग्रेस की प्रदेश महामंत्री रहीं। 2002 से 2007 तक उपभोक्ता फोरम की सदस्य राज्यमंत्री के तौर पर सेवाएं दीं। 2017 में रुद्रप्रयाग विधानसभा से कांग्रेस प्रत्याशी रही तो 2018 से लगातार प्रदेश महामंत्री पद पर सेवाएं दे रही हैं। मैं जानती हूं कि ये कानूनी प्रक्रिया है, लेकिन पार्टी की तरफ से मेरे खिलाफ हुई इस कार्रवाई में न तो कोई प्रतिक्रिया आई और न ही किसी ने मुझे इस दुख की घड़ी में ढांढस बंधाया। उन्होंने लिखा, जिस कांग्रेस पार्टी के लिए मैंने अपना जीवन खपाया, उसमें रहने का अब कोई औचित्य नहीं है, इसलिए दुखी मन से सदस्यता से त्यागपत्र दिया है।
