“नागेशे दारुका वने”.. इस श्लोक का अर्थ है कि देवदार के वन में नागेश यानि महादेव शिव निवास करते हैं। जागेश्वर धाम की कल्पना बिना देवदार के पेड़ों के नहीं की जा सकती। CM पुष्कर सिंह धामी ने सड़क निर्माण को लेकर दोबारा सर्वे के निर्देश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को सर्वे की पुनः समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं। जागेश्वर धाम के महंत, पुजारियों से लेकर स्थानीय निवासियों ने सड़क के लिए देवदार के 1000 पेड़ों को काटने के खिलाफ आवाज़ उठायी थी। इनको काटना मतलब साक्षात भोलेनाथ को रुष्ट करने जैसा है। अच्छा है इस फ़ैसले पर पुनर्विचार किया जा रहा है। अब मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जागेश्वर धाम में मास्टर प्लान के अंतर्गत सड़क चौड़ीकरण कार्य में पेड़ों के संभावित कटान को लेकर एक बार फिर से सर्वे करने के निर्देश दे दिए हैं।
