प्रदेश की धामी सरकार ने खिलाड़ियों के हक में अहम फैसला लिया है। सरकार ने विधानसभा में उत्तराखंड लोक सेवा (कुशल खिलाडिय़ों के लिए क्षैतिज आरक्षण) विधेयक 2024 प्रस्तुत किया। कुशल खिलाड़ी ऐसे नागरिक को माना जाएगा, जिसका मूल अधिवास उत्तराखंड में है, परंतु उसने अन्य कहीं का कोई स्थायी अधिवास प्रमाण पत्र प्राप्त नहीं किया है। विधेयक में स्पष्ट किया गया है कि ओलंपिक खेल में पदक विजेता अथवा हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी को लेवल 10 या उससे निम्न पदों पर आरक्षण दिया जाएगा। राष्ट्रमंडल चैंपियनशिप व अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय खेल में पदक विजेता अथवा भाग लेने वालों को लेवल छह या उससे निम्न पदों पर आरक्षण मिलेगा। इस विधेयक में स्पष्ट किया गया है कि लोक सेवाओं के दायरे में सरकारी विभाग, सहकारी समिति, बोर्ड या निगम, सरकार के नियंत्रण वाले कानूनी निकाय, सरकार के नियंत्रण वाले शिक्षण संस्था और विश्वविद्यालयों को लिया गया है।
