जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने बृहस्पतिवार को छेनी हथौड़ी शिल्पकारों को सौंपकर सिद्धेश्वर महादेव मंदिर का जीर्णोद्धार शुरू कराया। इसमें देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालु शामिल हुए। शंकराचार्य आश्रम में स्थित सिद्धेश्वर महादेव मंदिर करीब साढ़े पांच हजार वर्ष पुराना है। गर्भगृह से लेकर समूचे चबूतरे का विस्तार किया जाना है। राजस्थानी शैली में बनने वाले इस मंदिर में लाल पत्थर का इस्तेमाल किया जाएगा। महामंत्री रविंद्र भदौरिया ने बताया कि स्वयं सिद्ध सिद्धेश्वर महादेव की आयु जर्मनी के वैज्ञानिकों ने साढ़े पांच हजार वर्ष पूर्व का प्रमाणित किया है। भगवान शिव सृष्टि के अधिष्ठाता अधिपति हैं।
