‘मैं समान नागरिक संहिता कानून, उत्तराखंड…’, और विजयी मुस्कान से भर उठे धामी

उत्तराखंड

उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने देश की अहम तारीखों के सिलसिले में एक और अहम तारीख जोड़ दी है। देश के इतिहास में छह फरवरी 2024 की तारीख एक बेहद महत्वपूर्ण तारीख के तौर पर दर्ज हो गई है। उत्तराखंड सरकार ने आजाद भारत के इतिहास में पहली बार किसी राज्य में समान नागरिक संहिता कानून पेश किया है।

विधानसभा अध्यक्ष ने लगाई आवाज

सदन की कार्रवाई ग्यारह बजे शुरु होने के साथ ही पूरा सदन विधायकों से भरा हुआ था। प्रेस गैलेरी में भी पत्रकारों की भारी भीड़ थी। इसके साथ ही सदन के मुख्य हॉल के भीतर बनी ऑफिसर्स गैलरी में राज्य की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी, राज्य के डीजीपी अभिवन कुमार समेत तमाम अन्य अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री धामी अपनी नियत स्थान पर बैठे थे। उनके ठीक बगल में राज्य के संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल मौजूद थे। तकरीबन पैंतीस मिनट की कार्रवाई के बाद कार्यमंत्रणा समिति में तय किए बिंदु तीन का समय आया। विधानसभा अध्यक्ष ने बिंदु तीन पढ़ने के लिए आवाज लगाई।

विजयी मुस्कान में दिखे धामी

नेता सदन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा अध्यक्ष से समान नागरिक संहिता कानून, उत्तराखंड 2024 को सदन के पटल पर रखने की सदन के अनुज्ञा मांगी।

इसके बाद उन्हें आज्ञा दी गई। इसके बाद बिंदु चार को पढ़ते हुए सीएम पुष्कर सिंह धामी ने समान नागरिक संहिता कानून, उत्तराखंड 2024 को सदन के पटल पर रख दिया। इसके बाद सीएम धामी कुछ देर तक एक विजयी मुस्कान के लिए पूरे सदन को देखते रहे।

यूसीसी का ड्राफ्ट सदन के पटल पर रखने के तुरंत बाद ही सीएम अपने स्थान पर फिर से बैठ गए। बीजेपी के विधायकों ने उनका अभिवादन शुरु किया। सीएम सदन में ही हाथ जोड़े हुए उनके अभिवादन का जवाब देने लगे। इसी बीच सदन में ‘जय श्री राम’ के नारे गूंजने लगे। सीएम मुस्कुराते बैठे रहे।

विपक्ष को तरीका नहीं आया रास

वहीं यूसीसी को सदन के पटल पर रखने का प्रोसेस विपक्ष को रास नहीं आया। विपक्ष का आरोप है कि यूसीसी का बिल पेश करने के लिए संसदीय परंपराओं का पालन नहीं किया गया।

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