दरगाह में गूंजे हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे, पिरान कलियर में आजादी के बाद पहली बार फहराया गया तिरंगा

उत्तराखंड

गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर आजादी के बाद पहली बार उत्तराखंड के रूड़की स्थित विश्व प्रसिद्ध मुस्लिम धर्मस्थल पिरान कलियर शरीफ में तिरंगा फहराया गया। इस दौरान उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने भारत माता की जय और हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारे भी लगाए।

पिरान कलियर में पहली बार फहराया गया तिरंगा

विश्व प्रसिद्ध मुस्लिम धर्मस्थल पिरान कलियर शरीफ में गणतंत्र दिवस के अवसर पर शुक्रवार को राष्ट्रीय ध्वज फहराया गया। पिरान कलियर में ऐसा पहली बार हुआ जब यहां तिरंगा फहराया गया। इस दौरान उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने देशभक्ति से ओत-प्रोत नारे लगाए। जिस से पूरी दरगाह गूंज उठी।

75 सालों से दरगाह पर नहीं फहराया गया था राष्ट्रीय ध्वज

उत्तराखंड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स ने कहा कि जब मुझे पता चला कि पिरान कलियर में 75 सालों से राष्ट्रीय ध्वज नहीं फहराया गया है। जिसके बाद मैंने सोचा कि क्यों ना हम ये प्रथा शुरू करें और पूरे समाज को एक सकारात्मक संदेश दें। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पिरान कलियर में राष्ट्रीय ध्वज फहराते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है।

हिंदू और मुस्लिम समुदाय द्वारा समान रूप से पूज्य है दरगाह

आपको बता दें कि पिरान कलियर शरीफ चिश्ती संप्रदाय के सूफी संत अलाउद्दीन अली अहमद साबिर कल्यारी की 13वीं सदी की दरगाह है। उन्हें सरकार साबिर पाक और साबिर कलियारी के नाम से भी जाना जाता है। ये हरिद्वार के रूड़की से सात किलो मीटर दूर गंगा के तट पर स्थित है। पिरान कलियर भारत में मुसलमानों के लिए सबसे प्रतिष्ठित तीर्थस्थलों में से है। लेकिन इसके साथ ही ये हिंदू और मुस्लिम समुदाय द्वारा समान रूप से पूज्य है।

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