महिला कर्मचारी का उत्पीड़न करने के हैं आरोप, उत्तराखंड में इस IFS अधिकारी को पद से हटाया

उत्तराखंड

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शासन ने IFS अधिकारी सुशांत पटनायक को प्रदूषण बोर्ड के सदस्य सचिव पद से हटा दिया है। आईएफएस अधिकारी पर महिला कर्मचारी ने उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं। प्रमुख सचिव वन आरके सुधांशु ने महिला कर्मी की शिकायत पर कार्रवाई करने के साथ ही मामले की जांच करने के निर्देश दिए हैं।

IFS अधिकारी को पद से हटाया

महिला कर्मी से अभद्रता के आरोप में आईएफएस अधिकारी सुशांत पटनायक को पद से हटा दिया गया है। महिला की लिखित शिकायत पर प्रमुख सचिव वन के आदेश के बाद IFS अधिकारी को वन मुख्यालय में स्थित हॉफ कार्यालय में अटैच किया गया है। मामले की जांच देहरादून की डीएम को सौंप दी गई है। इसके अलावा शासन स्तर पर कार्यस्थल पर महिला उत्पीड़न को लेकर गठित विशाखा समिति भी अधिकारी पर लगे आरोपों की जांच करेगी।

2022 में संभाला था कार्यभार

बता दें दिसंबर 2022 को शासन ने आईएफएस एसपी सुबुद्धि को उत्तराखंड प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सचिव के पद से हटाकर मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल सुशांत पटनायक को बोर्ड का सदस्य सचिव बनाया था।

परिजनों ने किया था कार्यालय के बाहर हंगामा

पीड़िता के साथ उत्पीड़न की घटना के बाद युवती के परिजनों में भी जमकर आक्रोश था। युवती के परिजनों ने बीते गुरुवार को आईटी पार्क स्थित प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय में जमकर हंगामा काटा था। बता दें पीड़िता दिवंगत भाजपा नेता की बेटी है। युवती ने शिकायती पत्र में पटनायक पर उत्पीड़न करने के गंभीर आरोप लगाए थे।

IFS अधिकारी ने दी थी अपनी सफाई

हालांकि मामले पर आईएफएस अधिकारी ने अपनी सफाई भी थी। सुशांत पटनायक का कहना है कि मेरे पिता का हाल ही में निधन हुआ है। मैं उड़ीसा गया था, परसों आकर विभाग में कार्यभार ग्रहण किया। इस पर सभी लोग शोक संवेदना दे रहे थे। मुझ पर महिला कर्मचारी से अभद्रता का जो आरोप लगाया है उससे मैं खुद हैरान हूं।

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