मूल रूप से बमनस्वाल (धौलादेवी) की रहने वाली सीता प्रतिदिन हर रोज तीन किलोमीटर पैदल चलकर नगरखान विद्यालय पहुंचती थी। सीता चम्याल के पिता दीवान सिंह गांव में फेरी लगाकर सामान बेचते हैं। माता जया देवी का चार साल पूर्व निधन हो चुका है। सीता ने हिम्मत नहीं हारी। वह स्कूल से लौटने के बाद घर के रोजमर्रा के कामकाज निपटाने के साथ ही खेतों में काम करती थी। सभी काम निपटाने के बाद सिर्फ रात में ही पढ़ाई का समय मिलता था। उसने बिना ट्यूशन के रात-रात भर पढ़ाई कर यह मुकाम हासिल किया है।
ऐसा कर उसने पिता के साथ ही पूरे क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बचपन से मेधावी सीता ने इंटर की बोर्ड परीक्षा में 94.20% यानि 471 अंक प्राप्त किए हैं। सीता ने बताया कि पढ़ाई का कोई समय-सीमा तय नहीं थी। घर के कामकाज के बाद जब भी समय मिला पढ़ाई करने बैठ जाती थी। बताया कि भविष्य में उसका लक्ष्य बीएड करने के बाद शिक्षिका बनने का है। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय विद्यालय के अध्यापकों तथा अपने पिता को दिया। उनकी इस सफलता से पिता का सीना भी गर्व से चौड़ा है।
हौसला बुलंद हो तो सफलता कदम चूमती है, यह सच कर दिखाया है विकासखंड भैंसियाछाना के राजकीय इंटर कॉलेज नगरखान की 12 वीं की छात्रा सीता चम्याल ने। चार साल पहले मां का साया सिर से उठ गया, फिर यह बेटी टूटी नहीं। पिता की देखभाल के साथ घर का सारा कामकाज करते हुए सिद्दत से बगैर ट्यूशन के पढ़ाई की और अपना नाम इंटर की मेरिट सूची में दर्ज कराते हुए अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा का काम किया है।सीता ने प्रदेश में 12 वां स्थान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
दो सगी बहनों ने मेरिट में नाम दर्ज कर बढ़ाया मान
धौलछीना क्षेत्र के भेटाडा़गी निवासी राजकीय इंटर कॉलेज नगरखान की छात्रा रोशनी बिष्ट तथा उसकी छोटी बहन गुंजन बिष्ट ने उत्तराखंड बोर्ड परीक्षा की वरीयता सूची में नाम दर्ज कराकर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बड़ी बहन रोशनी ने इंटरमीडिएट में 92% अंक हासिल कर प्रदेश स्तर पर 23वां, जबकि छोटी बहन गुंजन ने हाई स्कूल में 94.80 अंकों के साथ प्रदेश स्तर पर 24वां स्थान हासिल किया। उनके पिता आनंद सिंह रुद्रपुर में प्राइवेट नौकरी करते हैं जबकि माता सुनीता देवी गृहणी हैं। दोनों बहनों ने बताया कि गांव में ट्यूशन की कोई व्यवस्था नहीं है। खुद की मेहनत से यह मुकाम हासिल किया है। रोशनी ने बताया कि भविष्य में ग्रेजुएशन के बाद सरकारी जॉब की तैयारी करेगी।
उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय शिक्षकों और माता-पिता को दिया है।हौसला बुलंद हो तो सफलता कदम चूमती है, यह सच कर दिखाया है विकासखंड भैंसियाछाना के राजकीय इंटर कॉलेज नगरखान की 12 वीं की छात्रा सीता चम्याल ने। चार साल पहले मां का साया सिर से उठ गया, फिर यह बेटी टूटी नहीं। पिता की देखभाल के साथ घर का सारा कामकाज करते हुए सिद्दत से बगैर ट्यूशन के पढ़ाई की और अपना नाम इंटर की मेरिट सूची में दर्ज कराते हुए अन्य बेटियों के लिए प्रेरणा का काम किया है।सीता ने प्रदेश में 12 वां स्थान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। विकासखंड भैंसियाछाना के राजकीय इंटर कॉलेज नगरखान की 12 वीं की छात्रा सीता चम्याल ने प्रदेश में 12वां स्थान हासिल कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
