मां भारती की सेवा करते हुए उत्तराखंड के और सपूत ने अपना सर्वोच्च बलिदान दिया है। उत्तराखंड में अपने घर से 25 दिन पहले ही वापस ड्यूटी पर गए अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर निवासी जवान कमल, मणिपुर में शहीद हो गए हैं। कमल वर्तमान में मणिपुर में तैनात थे। आज शहीद कमल सिंह भाकुनी का पार्थिक शरीर उनके घर चनौदा-बूंगा, सोमेश्वर पहुंचेगा। अल्मोड़ा जिले के सोमेश्वर तहसील के चनौदा-बूंगा में आज ग़मगीन माहौल है। कमल सिंह भाकुनी ने 24 साल की उम्र में भारतीय सेना में अपनी ड्यूटी के दौरान सर्वोच्च बलिदान दिया है। बताया जा रहा है कि कमल को संदिग्ध हालात में गोली लगी है। बताया जा रहा है कि 25 दिन पहले ही वह अवकाश के बाद ड्यूटी पर लौटे थे। कमल सिंह भाकुनी चार साल पहले 21 साल की उम्र में भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। उनका बड़ा भाई प्रदीप भाकुनी भी भारतीय सेना में है। गोली कैसे लगी, इसकी स्पष्ट जानकारी किसी को नहीं है।
