शुरू हुई बाबा बर्फानी की यात्रा उत्तराखंड में, दर्शन देंगे भोलेनाथ टिम्मरसैंण में

उत्तराखंड

भारत-तिब्बत सीमा पर स्थित भारत का आखिरी सीमान्त गांव, नीती गांव है। साल के छह महीनों में गर्मी के मौसम में, जब लोग नीती गांव में रहते हैं, तो ये पूरा सीमांत गांव में मानवीय चहल-पहल रहता है। टिम्मरसैण में बने बर्फ के शिवलिंग श्रदालुओं को सीमांत क्षेत्र नीती घाटी की और आकर्षित कर रहे हैं। जिसके चलते अधिकांश स्थानीय लोग ही टिम्मरसैंण महादेव के दर्शन के लिए पहुंच पा रहे हैं। नीती घाटी से लौटने के बाद शिव भक्त खुश और अद्भुत महसूर कर रहे हैं। ये एहसास यात्रियों के मन में टिम्मरसैंण महादेव की यात्रा को याद रखेगी। सीमांत नीती घाटी में टिम्मरसैंण महादेव के दर्शनों को भक्तों की भारी संख्या में भीड़ उमड़ रही है। अब हाइवे के खुलते ही हर रोज सैकड़ों की संख्या में शिव भक्त बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए टिम्मरसैंण पहुँच रहे हैं। सर्दियों का मौसम जाते ही राज्य के ग्रीष्म कालीन पर्यटक स्थल खुलने शुरू हो गए हैं। चमोली जिले में मौसम के साफ होते ही सीमा सड़क संगठन ने जोशीमठ नीति मलारी हाइवे से बर्फ हटाने का कार्य पूरा कर दिया है। सीमान्त घाटी नीती अभी तक भी चारों तरफ से बर्फ से ढकी हुई है।

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