साल 2022 से थल सेना में शुरू हुई अग्निवीर योजना के दो साल पूरे होने के बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के एक बयान ने विपक्ष को इस योजना के विरोध का मौका एक बार फिर दे दिया है। हालांकि जिन युवाओं के लिए इस योजना को लॉन्च किया गया है उन्होंने भी सरकार की मंशा पर भी सवाल उठाए हैं। जिसके लिए पहले बैच के आवेदन विपक्ष के विरोध के बाद भी जुलाई से शुरू कर दिए गए। सवाल ये था कि देश की सुरक्षा से जुड़े इस विषय को सरकार कैसे अनदेखा करके केवल 4 साल के लिए नियुक्तियां कर सकती है। क्योंकि सरकार की इस योजना की पैरवी के लिए सेना के कई अफसर सामने आए और अग्निवीर योजना को सरकार की उपलब्धि बताया। मिली जानकारी के मुताबिक रक्षा मंत्री ने एक बयान में कहा है कि अग्निवीर योजना में अगर कुछ कमियां है तो सरकार उसे ठीक कर लेगी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान पर कांग्रेस की प्रतिक्रिया के बाद भाजपा ने रक्षामंत्री के बयान का बचाव किया है और इस बयान कि देशहित वाला बयान करार दिया है। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार जो भी काम करती है वो देशहित, सैनिक हित ओर युवाओं के हित में होता है जबकि को कांग्रेस अग्निवीर पर सवाल उठाती है वो हमेशा अपने परिवार का ही हित देखती है। लेकिन अब देखना ये होगा लोकसभा चुनाव में बयान बाजी का कितना असर पड़ता है।
