उत्तर भारत का सुप्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेला 26 मार्च से शुरू हो रहा है। अन्नपूर्णा की चोटी पर स्थित मंदिर में मां पूर्णागिरि की प्रतिमा के आगे नाभि का हिस्सा श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खुला रहेगा। पूर्णागिरि धाम में सती की नाभि गिरी थी, जिसके कारण यहां नाभि का काफी अधिक महत्व है। इस दौरान मां की नाभि अन्नपूर्णा चोटी पर गिरी। मां पूर्णागिरि धाम के पुजारी कैलाश पांडेय ने बताया कि यह नाभि पूर्णागिरि धाम से नदी की तलहटी तक करीब 800 मीटर तक लंबी है। कालांतर में नाभि का मुंह बंद हो गया। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी भगवत पाटनी ने बताया कि अधिकांश श्रद्धालुओं को नाभि के बारे में पता नहीं चल पाता है। इसके अलावा अन्नपूर्णा चोटी के ऊपर लाइट की पूरी व्यवस्था होगी। इससे श्रद्धालु मां पूर्णागिरि की चोटी के दर्शन नागा क्षेत्र से ही कर सकेंगे।
