शहर के दो आर्किटेक्टों ने एक बिल्डर के साथ धोखाधड़ी की। बिल्डर से उन्होंने निर्माण पूरा कराने की डील भी की थी। अब पीड़ित की शिकायत पर दोनों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। एसओ वसंत विहार महादेव उनियाल ने बताया कि उन्होंने अपने प्लॉट पर व्यावसायिक निर्माण कराना था। दोनों ने खुद को एमडीडीए में पंजीकृत बताया। मानचित्र स्वीकृत कराने के लिए पीड़ित से 15 लाख रुपये लिए। इसके बाद रोहित और मोहित ने मौके पर निर्माण भी शुरू कर दिया। निर्माण काम भी 85 फीसदी पूरा हो गया। पीड़ित एमडीडीए कार्यालय गए तो पता लगा कि आरोपियों ने जो मानचित्र उन्हें दिया था, फर्जी बनाया गया था। इस पर निर्माण सील हो गया।
