30 साल बाद रामपुर तिराहा गोलीकांड में फैसला आया है। फैसले के बाद से राज्य आंदोलनकारियों को देर से ही सही लेकिन न्याय मिल गया है। इसके साथ ही पीएसी के दोनों सिपाहियों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है। दोनों को अदालत ने 15 मार्च 2024 को आईपीसी की धारा 376 (2) (जी), 392, 354 और 509 के तहत दोषी ठहराया था। आपको बता दें कि दुष्कर्म के मामले में सीबीआई ने 25 जनवरी 1995 को पीएसी सिपाही मिलाप सिंह और वीरेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ मामले दर्ज किए गए थे। उन्हें देर रात मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहे पर पुलिस ने रोका। जिसमें सात आंदोलनकारियों की मौत हो गई थी। एक अक्टूबर 1994 की रात करीब एक बजे रामपुर तिराहा पर आंदोलनकारियों की बस को रोका गया। इसके साथ ही दोनों दोषियों ने पीड़िता से सोने की चेन और एक हजार रुपये भी लूट लिए थे। अब तीस साल बाद कोर्ट ने इस मामले में सजा सुनाई है।
