सीमांत जनपद के मध्य में स्थित देवलथल क्षेत्र के मेलापानी में कुमाऊं की सबसे बड़ी झील बनेगी। सिंचाई विभाग इस झील को विकसित करेगा। इस झील के अस्तित्व में आने के बाद सीमांत को नए टूरिस्ट डेस्टिनेशन की सौगात मिलेगी। इनमें भीमताल कुमाऊं की सबसे लंबी झील है। यह लंबाई के हिसाब से कुमाऊं के साथ-साथ जिले की भी सबसे बड़ी कृत्रिम झील होगी। मुनस्यारी मार्ग पर पड़ने वाली यह जगह पिथौरागढ़ शहर से 22 किमी दूरी पर है। वहीं, सीमांत में नया डेस्टिनेशन बनकर सामने आएगा। विभागीय टीम ने झील निर्माण प्रस्तावित क्षेत्र का निरीक्षण भी कर लिया है। इसके बाद डीपीआर बनाने का कार्य शुरू किया जाएगा। वर्ष 1990 में उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री ने रई में झील निर्माण की घोषणा की थी। जिला मुख्यालय से करीब पांच किमी दूर टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग किनारे करीब 32 करोड़ की लागत से कृत्रिम झील बनाई गई है। बीते वर्ष अक्टूबर माह में पिथौरागढ़ दौरे पर आए पीएम नरेंद्र मोदी ने इस झील का लोकार्पण किया था। पर्यटकों को अब जिला मुख्यालय के नजदीक ही एक बेहतरीन टूरिस्ट डेस्टिनेशन की सुविधा मिल रही है।
