विश्वप्रसिद्ध नैनी झील खतरे में, वैज्ञानिक चिंतित दीवारों के लगातार धंसाव पर

उत्तराखंड

उत्तराखंड में बसा झीलों का शहर, नैनीताल। इसका मुख्य आकर्षण है “नैनी झील”। नैनी झील को त्रि-ऋषि सरोवर भी कहा जाता है। नैनी झील के उत्तरी किनारे को मल्लीताल और दक्षिणी किनारे को तल्लीताल कहते हैं। चूहे न केवल दीवार कुरेद रहे हैं, बल्कि जगह-जगह बिल बनाकर दीवारों को कमजोर भी कर रहे हैं। चूहों से निपटना विभाग के लिए एक चुनौती हो गई है। नैनी झील दीवार वर्षों पहले बनाई गई थी, लेकिन कुछ सालों से नैनीताल बैंड स्टैंड से लेकर कैपिटल सिनेमा तक झील से सटी दीवारें दरकती जा रही हैं। नैनी झील से सटी दीवारों को चूहों के साथ-साथ झील में पाई जाने वाली विभिन्न प्रजाति की मछलियां भी कमजोर बना रही हैं। उनका कहना है कि कॉमन कार्प मछली मिट्टी को कुरेदकर भोजन की तलाश करती है। मल्लीताल पंत पार्क क्षेत्र में दीवारों की मरम्मत का 75 फीसदी काम पूरा हो चुका है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *