नैनीताल हाईकोर्ट ने नैनीताल जेल में फैली अव्यवस्थाओं व जेल के जर्जर भवन का स्वतः संज्ञान वाली जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद राज्य सरकार को जेल को शिफ्ट करने या इसका सुधारीकरण किए जाने को लेकर दस दिन के भीतर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। कैदियों से मिलकर उनकी समस्याओं से कोर्ट को अवगत कराएं। ताकि जेल से बाहर आने के बाद वे बेहतर जीवन यापन कर सके। मामले के अनुसार राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने नैनीताल जेल के निरीक्षण के दौरान पाया कि 1906 में बना जेल का भवन काफी पुराना हो चुका है जो जर्जर हालत में पहुंच चुका है। जेल में बंद कैदियों के लिए मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। कैदियों के बीमार पड़ने पर उन्हें समय पर अस्पताल पहुंचाने की दिक्कतें होती है।
