लोकसभा चुनाव नजदीक हैं और कभी भी चुनावों के लिए आचार संहिता लागू हो सकती है। लोकसभा सांसदों का कार्यकाल खत्म ही होने वाला है लेकिन तीन सांसदों की 22.02 करोड़ की सांसद निधि जारी होने अभी शेष है। इस बात का खुलासा काशीपुर निवासी सूचना अधिकार कार्यकर्ता नदीम उद्दीन एडवोकेट के सूचना के अधिकार अधिनियम के तहत जानकारी मिलने पर हुआ है। लेकिन पिछली सांसद निधि किस्त के खर्च सम्बन्धी प्रमाण, आडिट रिपोर्ट आदि प्राप्त न होने के कारण उन्हें 22.02 करोड़ की सांसद निधि 31 दिसम्बर 23 तक जारी नहीं हुई है। अगर जारी ना हुई सांसद निधि को भी जोड़ लें तो 88.42 करोड़ की सांसद निधि जो कुल सांसद निधि का 61.62 प्रतिशत है अभी खर्च होनी बाकी है। लेकिन प्रदेश के केवल दो सांसदों को ही पूरी सांसद निधि प्राप्त हुई है। जबकि नैनीताल सांसद व केन्द्रीय मंत्री अजय भट्ट की केवल सात करोड़ 66 लाख 40 हजार, अल्मोड़ा सांसद अजय टम्टा को 11 करोड़ 81 लाख 50 हजार तथा टिहरी सांसद माला राज लक्ष्मी की 9 करोड़ 50 लाख की सांसद निधि मिली है। नैनीताल सांसद तथा केन्द्रीय मंत्री अजय भट्ट को 7 करोड़ 66 लाख 40 हजार की सांसद निधि मिली जिसमें से 6 करोड़ 99 लाख 73 हजार की सांसद निधि खर्च हो पाई हैष जबकि 10 करोड़ 30 लाख 9 हजार (59.55 प्रतिशत) सांसद निधि खर्च होने को शेष है। पौड़ी सांसद तीरथ सिंह रावत सासंद निधि खर्च करने में सबसे पीछे हैं। हरिद्वार सांसद डॉ रमेश पोखरियाल निशंक को को 17 करोड़ की सांसद निधि जारी की गई है। जिसमें से 5 करोड़ 18 लाख 50 हजार की सांसद निधि जारी होनी बाकी है और उन्होंने 8 करोड़ 51 लाख 59 हजार की सांसद निधि 31 दिसम्बर तक खर्च हो सकी है। टिहरी सांसद माला राज लक्ष्मी को 9 करोड़ 50 लाख की सांसद निधि जारी हुई थी।
