पहाड़ के पिस्यूं लूंण को देश-दुनिया में पहुंचाने वाली शशि बहुगुणा रतूड़ी ने एक और शानदार उपलब्धि हासिल की है। ‘नमकवाली’ ब्रांड से पिस्यूं लूण को रोजगार का जरिया बनाने वाली शशि बहुगुणा रतूड़ी ने सोनी के शार्क टैंक इंडिया कार्यक्रम में शिरकत की। शार्क टैंक इंडिया के सभी जजेज ने ‘नमकवाली’ के प्रयासों को जमकर सराहा। यहां आपको शशि बहुगुणा रतूड़ी के बारे में भी बताते हैं। उन्होंने न सिर्फ पहाड़ी संस्कृति को सहेजने के लिए काम किया, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की भी कोशिश की। समूह से जुड़ी महिलाएं पहाड़ में मिलने वाला खास नमक तैयार करती हैं, जिसे स्थानीय भाषा में पिस्यूं लूंण कहा जाता है। ऑर्गेनिक तरीके से नमक को सिलबट्टे पर पीसा जाता है।
