भाजपा ने लोकसभा चुनाव के लिए तीन सीटों पर उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है। जहां अल्मोड़ा, नैनीताल-उधमसिंह नगर और टिहरी सीट पर पार्टी ने उम्मीदवारों को रिपीट किया है। जिसके बाद दोनों सीट पर उम्मीदवार को लेकर चर्चाओं के बाजार गर्म हैं। तीरथ की अपने संसदीय क्षेत्र में सक्रियता व दांव पेंच से मुक्त निर्विवाद छवि उनके पक्ष में जा रही है। क्योंकि भाजपा हाई कमान द्वारा ईस्ट दिल्ली सीट को भी फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। पार्टी के द्वारा लिए गए इस फैसले से हैरानी इस बात की हुई कि जब तीन सीटों पर मौजूदा सांसदों पर ही दांव खेला गया तो आखिर पहली बैठक में पौड़ी से तीरथ सिंह रावत को रिपीट करने का फैसला क्यों नहीं लिया गया। अनिल बलूनी के साथ पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत भी इस सीट को लेकर प्रयासरत बताए जा रहे हैं। पार्टी आलाकमान की प्राथमिकता में जोड़ तोड़ व लॉबिंग की प्रवृत्ति से मुक्त दावेदार हैं। बता दें तीरथ रावत ने बीते एक वर्ष में जिस तरह से बद्रीनाथ से कोटद्वार और नरेंद्रनगर से रामनगर तक के विधानसभा क्षेत्रों में नियमित अंतराल में उपस्थिति दर्ज कर जनता से संवाद बनाया। जिस तरह से अल्मोड़ा, नैनीताल व टिहरी में टिकट रिपीट हुए हैं तो भाजपा हाईकमान के पास शायद ही कोई ऐसा तर्क बचे कि वह पौड़ी में उक्त तीन सीटों से इतर फैसला ले सकें।
