संगीत नाट्य पुरस्कार के इतिहास में शायद पहली बार किसी पति-पत्नी को एक साथ दिया जायेगा। संजय पांडेय और लता पांडेय उत्तराखंड के श्रीनगर में अध्यापक के रूप में कार्यरत हैं। पांडेय दंपत्ति के गले में जैसे सरस्वती स्वयं विराजती हैं, दोनों बहुत सुन्दर गायक हैं। डॉक्टर संजय पांडेय मूल रूप से जिला बागेश्वर के वज्यूल गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने गढ़वाल विवि से हायर एजुकेशन प्राप्त की। उन्होंने गढ़वाल विवि से ही अपनी पीएचडी की। वे सालों से छात्रों को लोक कला के बारे में सीखा पढ़ा रहे हैं। डॉक्टर लता पांडेय मूल रूप से जिला अल्मोड़ा की रहने वाली हैं। वर्तमान में डा0 लता पांडेय जीजीआईसी श्रीनगर में अध्यापिका के रूप में कार्यरत हैं। उत्तराखंड के पति-पत्नी को राष्ट्रपति दौपदी मुर्मू संगीत नाट्य पुरस्कार से सम्मानित करेंगी।
