पहाड़ी फलों और वनस्पतियों के स्वाद से युक्त उच्च गुणवत्ता युक्त स्प्रिट उत्तराखंड की डिस्टीलरियों में ही बनायी जायेगी। एक्साइज कमिश्नर की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि मेट्रो कोई ब्रांड या कंपनी नहीं है, बल्कि उत्तराखंड में इस शराब को बनाने में लोकल प्रोडक्ट, फल-फूल और जड़ी बूटियों का इस्तेमाल किया जाएगा, उसे ही मेट्रो नाम दिया गया है। नए वित्तीय वर्ष यानी 1 अप्रैल 2024 को मेट्रो शराब की बिक्री उत्तराखंड के सभी जिलों की सरकारी दुकानों में शुरू होगी, इसके लिए 31 मार्च से पहले राजस्व समेत विभिन्न नियम कायदे तय कर दिए जाएंगे। लेकिन, मेट्रो की तीव्रता 40 प्रतिशत होगी। यानी इसमें एल्कोहल की मात्रा 40 प्रतिशत होती है। इसके लिए अलग से ठेके नहीं खोले जाएंगे और इसे विदेशी मदिरा दुकानों से ही खरीदा जा सकेगा।
