बदरीनाथ हाईवे के भूस्खलन और आपदा प्रभावित क्षेत्रों के ट्रीटमेंट के लिए एनएचआईडीसीएल को केंद्र सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्रालय से 500 करोड़ रुपये स्वीकृत हो गए हैं। ऐसे में एनएचआईडीसीएल के सामने समय कम और काम अधिक है। गत वर्ष आपदा के दौरान जिन स्थानों पर भूस्खलन और भू-धंसाव की स्थिति उत्पन्न हुई थी, वहां अभी भी स्थिति जस की तस है। यहां से करीब दो किलोमीटर की दूरी पर स्थित भनेरपाणी में गत वर्ष भूस्खलन होने से हाईवे करीब 20 मीटर तक क्षतिग्रस्त हो गया था, लेकिन अभी तक यहां सुधारीकरण कार्य शुरू नहीं हो पाया है। यहां आवासीय मकानों को भी खतरा बना है। गडोरा गदेरे में आया मलबा अभी हाईवे किनारे अटका है। एनएचआईडीसीएल (राष्ट्रीय राजमार्ग एवं ढांचागत विकास) की ओर से इसको भी नहीं हटाया जा सका है।
