आपने मां भगवती के किसी ऐसे धाम के बारे में सुना है जहां देवी एक दिन में तीन बार रूप बदलती है। सुनकर आपको भी यकीन नहीं हो रहा होगा लेकिन देवभूमि उत्तराखंड में ऐसा मंदिर है। जहां माता रानी की मूर्ति तीन बार रंग बदलती है और जहां मां का धाम है उस पहाड़ी पर दूर से शेर की आकृति दिखाई देती है। मंदिर अल्मोड़ा शहर से 35 किलोमीटर की दूरी पर हवालबाग ब्लॉक के शीतलाखेत की ऊंची पहाड़ियों पर स्याही देवी मंदिर विराजती हैं। स्याही देवी मंदिर के पुजारी जीवन नाथ गोस्वामी के मुताबिक यहां स्थापित होने से पहले मां स्याही देवी इस जगह से आधा किलोमीटर दूर घने जंगल में स्थापित थी। जहां किसी जमाने में बड़े-बड़े तपस्वियों और संतों ने तप किया था। स्थानीय लोग इसे माता रानी का ही चमत्कार मानते हैं।स्याही देवी की मूर्ति के बारे में कहा जाता है कि ये मूर्ति दिन में तीन बार अपना रंग-रूप तीन बार बदलती है। इस बारे में मंदिर के पुजारी का कहना है कि इस मंदिर में माता रानी अपना रुप एक दिन में तीन बार बदलती है। सुबह के समय माता का रुप सुनहरा, दिन में मां काली कि तरह काला और शाम को सांवला हो जाता है। ऐसा नजारा शायद ही कभी किसी ने देखा हो। माता रानी के दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से लोग आते हैं। माता रानी का मंदिर जिस स्थान पर स्थित है वो स्थान अत्यंत रमणीक है। ये स्थान अपने मौसम, स्थान और दृश्यों के लिए अद्भुत है।
