पांच जिलों में नए साल से नई मेट्रो शराब बिकेगी। 40 प्रतिशत तीव्रता वाली इस शराब को देसी और विदेशी शराब के बीच का उत्पाद माना जा रहा है। गढ़वाल के उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग, पौड़ी और चमोली में देसी शराब की बिक्री नहीं होती है। भारत निर्मित अंग्रेजी शराब की तीव्रता 42.8 होती है। जबकि, देसी शराब 36 और 25 प्रतिशत की तीव्रता की होती है। लेकिन, मेट्रो की तीव्रता 40 प्रतिशत होगी। यानी इसमें एल्कोहल की मात्रा 40 प्रतिशत होगी है। ऐसे में लंबे समय से इन जनपदों में देसी शराब की बिक्री न होने के चलते इसे देसी का ही विकल्प माना जा रहा है। मेट्रो शराब फलों और वनस्पतियों के स्वाद से युक्त उच्च गुणवत्ता युक्त स्प्रिट से प्रदेश की डिस्टलरियों में ही बनेगी। लेकिन, अब इसकी अनुमति शर्तों के साथ दी जाएगी। दुकानदार अपनी शराब को जिले और प्रदेश में कहीं भी ले जा सकते हैं। जबकि, जिले से बाहर ले जाने के लिए इस शुल्क को 100 रुपये किया गय है। परिवहन के लिए आबकारी आयुक्त से अनुमति ली जाएगी।
