लापरवाही : गंदा पानी पीने को मजबूर हैं ग्रामीण, पीलिया की चपेट में आए कई बच्चे

उत्तराखंड

लोहाघाट के सुई गांव में लोग गंदा पानी पीने को मजबूर हैं। जिसके चलते गांव के दर्जनों बच्चे पीलिया ओर पेट सम्बंधित बिमारियों की चपेट में आ गए हैं। जिसके लेकर ग्रामीणों ने जल संस्थान के खिलाफ आक्रोश जताया है। ग्रामीणों ने कहा अगर हमारी समस्या हल नहीं होती है तो हम प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन करेंगे।

जल संस्थान पर लगाए लापरवाही के आरोप

ग्रामीणों ने जल संस्थान पर दूषित पेयजल की आपूर्ति का आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा जल संस्थान की लापरवाही के चलते गाने के कई बच्चे पीलिया ओर पेट संबंधित बीमारियों से ग्रसित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने बताया कि जल संस्थान द्वारा गांव के लिए करोड़ों रुपए की लागत से नई पाइप लाइन बिछाई थी। जिसमें लंबे समय से गंदा पानी जल संस्थान के द्वारा ग्रामीणों को दिया जा रहा है। उन्होंने कहा डीएम चंपावत के द्वारा योजना का निरीक्षण कर जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को समस्या के समाधान के निर्देश दिए थे।

आश्वासन देने के बाद भी नहीं बदले हालात

अधिशासी अभियंता के द्वारा 10 दिन के भीतर योजना के पाइप बदलने का आश्वासन दिया था। लेकिन आज एक महीना होने को है। उसके बाद भी अभी तक पाइप नहीं बदले गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार गंदे पानी की सप्लाई गांव में की जा रही है। जिस कारण गांव में पीलिया और टाइफाइड फैल रहा है। गांव के कई बच्चे पीलिया की चपेट में आ चुके हैं। जिसका जिम्मेदार पूरी तरह से जल संस्थान विभाग है।

ग्रामीणों ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी

ग्रामीणों ने कहा कि अगर किसी भी बच्चे व ग्रामीण को नुकसान पहुंचता है तो उसकी पूरी जिम्मेदारी जल संस्थान की होगी। इसके साथ ही ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि अगर जल संस्थान शीघ्र पाइपलाइन नहीं बदलता है तो समस्त सुई के ग्रामीण जल संस्थान कार्यालय में तालाबंदी करने के साथ-साथ डीएम कार्यालय में धरने में बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा ग्रामीण समस्या को लेकर कई बार प्रदर्शन कर चुके हैं। डीएम से लेकर सीएम तक के सामने गुहार लगा चुके हैं। लेकिन अभी तक उनकी समस्या हल नहीं की गई है।

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