बवालियों पर एनएसए, बुलडोजर…. क्या बाबा की रणनीति को ही फॉलो कर रहे धामी?

उत्तराखंड

उत्तराखंड के हल्द्वानी के बनभूलपुरा में हुई हिंसा के बाद पुलिस का ऐक्शन जारी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का भी सख्त ऐक्शन दिखाई दे रहा है। सोमवार को एक बार फिर मुख्यमंत्री धामी ने बनभूलपुरा हिंसा पर सख्त कार्रवाई की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि बनभूलपुरा में जिस जगह से अवैध अतिक्रमण हटाया गया है, वहां पर अब पुलिस थाने का निर्माण किया जाएगा। धामी ने कहा कि उपद्रवियों और दंगाइयों के लिए हमारी सरकार का स्पष्ट संदेश है कि देवभूमि की शांति से खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा, उपद्रवियों के लिए उत्तराखंड में कोई स्थान नहीं है।

पुष्कर धामी के इस फैसले में उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार की झलक देखने को मिल रही है। दरअसल, उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार आने के बाद से माफिया और उपद्रवियों पर जोरदार ऐक्शन हुआ है। तमाम बड़े माफिया जेल में हैं। इतना ही नहीं, प्रदर्शन के नाम पर उत्पात करने वाले असामाजिक तत्वों के भी खिलाफ योगी सरकार सख्ती से पेश आई है। नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ यूपी में हिंसक हो गए प्रदर्शन को योगी सरकार ने गंभीरता से लिया था। इस दौरान उपद्रव करने वाले लोगों को चिह्नित कर उनसे वसूली की कार्रवाई की गई थी। इतना ही नहीं, सीएम ने ऐलान कर दिया था कि सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने वाले तथा हिंसक विरोध में शामिल लोगों के खिलाफ एनएसए के तहत कार्रवाई की जाएगी।

योगी सरकार में ‘बाबा के बुलडोजर’ की चर्चा तो सारे देश में हो रही है। प्रयागराज के कुख्यात माफिया अतीक अहमद की तमाम अवैध संपत्तियां पुलिस ने जब्त कीं। प्रयागराज में ऐसी ही संपत्ति पर योगी सरकार ने गरीबों के लिए सस्ते फ्लैट्स का निर्माण कराया। बाद में पात्र लोगों को उन्होंने खुद इसकी चाभी सौंपी थी। इसके अलावा लखनऊ में भी अतीक की अवैध संपत्ति पर सरकारी आवास बनाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए राज्यपाल से मंजूरी भी मिल गई है।

इसी तर्ज पर पुष्कर सिंह धामी ने उत्तराखंड के हल्द्वानी में अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने के बाद बड़ा फैसला लिया है। उन्होंने इनके स्थान पर थानों के निर्माण का आदेश दिया है। हल्द्वानी में अवैध अतिक्रमण ध्वस्त करने पहुंची टीम पर उपद्रवियों ने हमला किया था। इसमें कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए थे। सिर्फ इतना ही नहीं, उपद्रव में शामिल लोगों के खिलाफ धामी सरकार ने एनएसए लगाने की तैयारी की है। उनका यह फैसला भी योगी आदित्यनाथ के उस फैसले जैसा है, जो उन्होंने सीएए के खिलाफ आंदोलन के दौरान उपद्रव करने वाले लोगों को लेकर किया था।

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