कौन हैं कुमाऊं की कमला देवी ?, जो कोक स्टूडियो में आएंगी नजर

उत्तराखंड

आज कि रील्स, लाइक और सब्सक्राइब की दुनिया में जहां एक तरफ हमारा समाज अपने कल्चर को भूलता चला जा रहा है वहीं दूसरी तरफ हमारे पहाड़ों में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो पहाड़ों के किस्से कहानियों को यहां की धुनों को आज भी अपने कंठ में संजोए हुए हैं। आज हम आपको पहाड़ों के आंचल में पली बड़ी एक ऐसी ही हस्ती के बारे में बताने जा रहे हैं जो आज की चकाचौंध भरी डिजिटल दुनिया से बहुत दूर हैं और अपनी प्यारी सी साधारण दुनिया में उत्तराखंड के लोकगीतों को अपनी सुरीली आवाज में संजो रही हैं।

बागेश्वर की रहाने वाली हैं कमला देवी

अभी कुछ दिनों से बागेश्वर की रहाने वाली एक महिला कमला देवी सोशल मीडिया पर काफी ट्रेंड हो रही हैं जिसका कारण कोक स्टूडियो भारत का एक पोस्ट जिसमें लिखा है। उत्तराखंड की रहने वाली कमला देवी एक शास्त्रीय लोक गायिका हैं जो अपनी आवाज पर अपार नियंत्रण प्रदर्शित करती हैं। उनके मुखर कौशल का अनुभव करें जब वो कोक स्टूडियो भारत सीजन-2 पर अपने संगीत वीडियो में सामने आएगी। शायद ही इस पोस्ट से पहले किसी ने कमला देवी का नाम सुना हो। लेकिन इस पोस्ट के आने के साथ सोशल मीडिया पे कमला देवी के लिए बधाईयों का तांता लग गया है।

सोशल मीडिया से काफी दूर हैं कमला देवी

कमला देवी शायद ही सोशल मीडिया से राबता रखती हों। क्योंकि वो बाकी पहाड़ी महिलाओं की तरह अपने छोटे से संसार में ही रहती हैं। आपको बता दें की कमला देवी सिर्फ कुमाऊंनी संस्कृति से जुड़े लोक गीत ही गाती हैं। पंद्रह साल की उम्र से ही कमला देवी ने अपने पिता से कुमाऊंनी लोक संगीत की सभी विधाएं सीख ली फिर चाहे वो जागर हो, हुड़की बौल हो, पतरौल गीत के साथ साथ वो झोड़ा चांचरी, छपेली, भगनौल, शगुन गीत भी गाने लगी।

इन सभी के साथ कमला देवी मालूशाही गाने में पारंगत बन गई। धीरे-धीरे कमला देवी ने उत्तराखंड के विभिन्न मंचों पर प्रस्तुति देनी शुरू की। लेकिन इस सब के बाद भी कमला देवी को वो मंच नहीं मिल पाया जिसकी वो हकदार थीं। लेकिन अब कोक स्टूडियो भारत ने कमला देवी को अपने सीजन-2 में मंच देने का ऐलान किया है।

क्या है कोक स्टूडियो ?

कोक स्टूडियो टीवी पर चलने वाला एक लाइव म्यूज़िक शो है। जो दुनियाभर के ऐसे उभरते कलाकारों को मंच देता है जो अपनी संस्कृति को अपनी सुरीली आवाज में संजो रहे हैं। ये दुनियाभर में सराहा जाने वाला एक मंच है जो हमेशा से लोक संगीत को प्रोत्साहित करता आ रहा है। कोक स्टूडियो की सबसे बड़ी खासियत यही है की यहां संगीत की अलग- अलग विधाओं से जुड़े गायक मंच पे एक साथ गाते हैं और बिना किसी काट-छांट के इसकी फाइनल रिकॉर्डिंग को सीधा प्रसारित किया जाता है।

कोक स्टूडियो में जाने वाली पहली गायिका कमला देवी

आपको ये जानकर गर्व होगा की कमला देवी उत्तराखंड की पहली लोक गायिका हैं जिन्हें कोक स्टूडियो में गाने का अवसर मिल रहा है। कोक स्टूडियो पर आने वाला ये गीत उत्तराखंड के संगीतकार लवराज द्वारा लिखा गया है और दिग्विजय परियार ने इसे कंपोज किया है।

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