हल्द्वानी दुष्कर्म मामले में नया मोड़, परिजनों की डांट से बचने के लिए गढ़ी थी कहानी

उत्तराखंड

सोशल मीडिया पर घटना को लेकर कई तरह की सूचनाएं फैलने लगीं, मामला क्योंकि लड़की से जुड़ा था, इसलिए पुलिस ने भी देरी न करते हुए आरोपियों की धरपकड़ के लिए जगह-जगह दबिश देना शुरू कर दिया। आरोपियों को पकड़ भी लिया, लेकिन शाम होते-होते मामले में नया मोड़ आ गया। दरअसल मेडिकल रिपोर्ट में युवती से रेप की पुष्टि नहीं हुई है। जो सीसीटीवी फुटेज सामने आई है, उसमें भी युवती खुद कार में बैठकर जाते दिख रही है। चश्मदीद ने भी अपहरण जैसी घटना से साफ मना किया है। ऐसे में पुलिस ने दुष्कर्म की धारा को अब छेड़छाड़ में बदलकर जांच शुरू कर दी है। युवती ने झूठी कहानी क्यों गढ़ी, इसके बारे में भी पता चल गया है। युवती ने बताया कि उसका भाई व मां एक शादी समारोह में चले गए थे। इस बीच वह घर से ट्रांसपोर्टनगर जाने के लिए निकली।

रास्ते से कार में सवार होकर चली गई। रात को युवती मुखानी चौराहे पर उतरी। यहां पर उसने दोस्त को बुलाया। दोस्त उसे स्कूटी से घर तक छोड़ गया। जब वह घर आई तो स्वजन पहुंच चुके थे। इस दौरान वह काफी डर गई। परिजनों ने घर से जाने का कारण पूछा तो उसने बताया कि उसे कुछ युवक कार से ले गए और दुष्कर्म किया। इसके बाद परिजनों ने थाने में केस दर्ज कराया। पुलिस ने इस मामले में चारों आरोपियों गौजाजाली निवासी ऋषि सागर उर्फ मनोज, अक्षित बसी, दुर्गा कालोनी गौजाजाली निवासी मनोज सागर व देवलचौड़ बंदोबस्ती निवासी धम्मी उर्फ धर्म कीर्ति को पकड़ा है। हालांकि अब पता चला है कि मामला फर्जी था। एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा का कहना है कि नाबालिग व महिलाओं के मामले में शिकायत आने पर त्वरित कार्रवाई की जाती है। युवती ने झूठे आरोप लगाए हैं। इस मामले में विधिक राय लेकर आगे बढ़ा जाएगा।

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