घरों में आई दरारों से दहशत, रेल परियोजना के खिलाफ नरेंद्रनगर में ग्रामीणों का प्रदर्शन

उत्तराखंड

रेल परियोजना में टनल बनाने के लिए हो रही ब्लास्टिंग के कारण नरेंद्रनगर में लोग परेशान हैं। ब्लास्टिंग के कारण लोगों के घरों में दरारें देखने को मिल रही हैं इसके साथ ही ब्लास्टिंग से स्रोतों का पानी भी गायब हो गया है। जिस कारण लोगों में आक्रोश देखने को मिल रहा है। रेल परियोजना के खिलाफ बल्दियाखान के बाद अब अटाली, सिंगटाली, व्यासी व कुंड्या के लोग भी सड़कों पर उतर आए हैं।

रेल परियोजना के खिलाफ ग्रामीणों का प्रदर्शन

ब्लास्टिंग से हो रहे नुकसान के चलते दोगी क्षेत्र में आंदोलन की बयार फैलती चली जा रही है। विकासखंड नरेंद्रनगर की पट्टी दोगी के अटाली, सिंगटाली, व्यासी व कुंड्या गांव के ग्रामीणों ने रेलवे टनल निर्माण से उपजी पेयजल आदि समस्याओं को लेकर 23 जनवरी से व्यासी में रेलवे विकास निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

ग्रामीणों के मुताबिक रेलवे टनल निर्माण में हैवी ब्लास्टिंग के कारण उक्त गांवों के पानी के स्रोत विगत 2 सालों से पतले पड़ते जा रहे थे। मगर हैवी ब्लास्टिंग के कारण अचानक पानी के स्रोत से पानी ही गायब हो गया है। इसके साथ ही कई लोगों के घरों में दरारें भी देखने को मिल रही हैं।

तीसरे दिन भी ग्रामीणों का धरना जारी

पेयजल उपलब्ध कराने सहित अन्य मुद्दों को लेकर क्षेत्र के जाने-माने सामाजिक कार्यकर्ता व यूकेडी के केंद्रीय सचिव सरदार सिंह पुंडीर के नेतृत्व में ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी है। धरना प्रदर्शन को दो दिन बीत जाने के बाद भी कोई भी जिम्मेदार अधिकारी अभी तक ग्रामीणों की समस्याओं को सुनने मौके पर नहीं पहुंचा है। इससे ग्रामीणों का गुस्सा और भी बढ़ता जा रहा है।

ग्रामीणों ने टनल निर्माण का कार्य रुकवाया

आंदोलनकारी ग्रामीणों ने टनल निर्माण का कार्य रुकवा दिया है। इसके साथ ही उन्होंने मांग की है कि जब तक उनकी समस्याओं का हल नहीं निकाला जाता है वे टनल निर्माण का कार्य नहीं होने देंगे। ग्रामीणों का साफ शब्दों में कहना है कि वे रेलवे परियोजना का विरोध नहीं कर रहे हैं। लेकिन परियोजना से जो भारी नुकसान हो रहा है उसकी भरपाई पूरे मुआवजे के तौर पर की जाए।

ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे को चक्का जाम करने की चेतावनी

ग्रामीणों की मांग है कि जब तक पेयजल की स्थाई व्यवस्था नहीं हो जाती है तब तक उनके लिए गंगा से पेयजल की व्यवस्था की जाए। मकानों का शत-प्रतिशत उचित मुआवजा दिया जाए। अटाली गांव को व्यासी में विस्थापित किया जाए। इसके सात ही ग्रामीणों मे मांग की है कि टनल निर्माण में ब्लास्टिंग रोकी जाए। ग्रामीणों ने मांगों के ना माने जाने पर ऋषिकेश-बद्रीनाथ हाईवे को व्यासी में चक्का जाम करने की चेतावनी दी है।

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