सरकारी दफ्तरों में आधे दिन की छुट्टी
हालांकि सरकार के इस फैसले से सरकारी कर्मचारी नाखुश हैं। आधे दिन की छुट्टी का आदेश जारी होने के बाद कर्मचारी नेताओं ने कहा कि सरकारी कार्यों में आधे दिन का अवकाश दिया जाना औचित्यहीन है। कर्मचारी नेताओं ने पूछा कि क्या कर्मचारी शिक्षक पहले प्राण प्रतिष्ठा में भाग लेंगे और 2:30 बजे बाद अपने कार्यालय में आएंगे, जो कि असंभव है। सरकार अवकाश पर पुनर्विचार करके 22 जनवरी 2024 को पूरे दिन का अवकाश घोषित करें।
बता दें कि बीजेपी के राष्ट्रीय सह-कोषाध्यक्ष व राज्यसभा सांसद नरेश बंसल ने भी मुख्यमंत्री से सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का अनुरोध किया था। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री को एक पत्र भी लिखा था। पत्र में उन्होंने लिखा कि 22 जनवरी को श्रीराम जन्मभूमि मंदिर प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम है। इसकी उत्तराखंड समेत पूरे विश्व में भव्य आयोजन की तैयारी चल रही है। हर व्यक्ति 22 जनवरी का कार्यक्रम देखने को उत्सुक है। प्रत्येक रामभक्त इस प्राण प्रतिष्ठा समारोह का साक्षी बनना चाहता है। उत्तर प्रदेश, हरियाणा आदि प्रदेशों में 22 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया गया है, ताकि लोग धूमधाम से यह उत्सव मना सकें। पत्र में सीएम से सार्वजनिक अवकाश घोषित करने का अनुरोध किया गया था।
